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केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से अपील करते हुए कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु के लोगों को मेकेदातु परियोजना और तमिलनाडु के मेट्टूर जलाशय से समुद्र में बहने वाले पानी के उपयोग से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए भाइयों की तरह रहना चाहिए। मैसूर चलो पदयात्रा के शुभारंभ पर एक सभा को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, "हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुद्दों को हल करने के लिए मना लेंगे। हम तमिलनाडु के साथ कोई अन्याय नहीं करते हैं। मैं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को यह बता दूंगा कि हमें भाइयों की तरह रहना चाहिए। इस भारतीय संघीय व्यवस्था में, कर्नाटक के लोग कब तक आपके प्रभुत्व को सहन करेंगे?"

04 Aug 2024 05:41AM,
by: Babuaa Desk
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मुख्यमंत्री श्री साय को आरंग में आयोजित आश्रम छात्रावास लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान नवमी कक्षा के छात्र हर्ष गिलहरे ने अपने हाथों से बनाई स्केच पोर्ट्रेट भेंट की। हर्ष की भेंट पाकर मुख्यमंत्री ने उसे शुभाशिर्वाद दिया और उसे मन लगाकर पढ़ाई करने की समझाईश दी। मुख्यमंत्री ने हर्ष से कहा कि उसके पास केवल एक पेंसिल से किसी की हू-ब-हू तस्वीर बनाने (स्केच) बनाने का अनूठा हुनर है और खूब अभ्यास कर इसको निखारना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रैक्टिस से परफेक्शन आता है, उसकी बारीकियाँ पता चलती है। लगातार प्रैक्टिस करके वो एक अच्छा स्केचमेकर बनकर देश-दुनिया में अपना और अपने प्रदेश का नाम रोशन कर सकता है। हर्ष गिलहरे रायपुर के डीडी नगर स्थित केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 का कक्षा नौंवी का छात्र है। मुख्यमंत्री को छात्र हर्ष गिलहरे ने स्केच पोर्ट्रेट भेंट की

04 Aug 2024 05:41AM,
by: Babuaa Desk
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बस कुछ महीने पहले की ही है। राजकुमारी की जिंदगी किसी राजकुमारी की तरह तो दूर की बात, एक सामान्य इंसान की तरह भी न थी। जंगल में रहना, तेंदू-चार बीनना,बकरी चराना, घर में बाड़ी में काम करना तो कभी खेतों में हल चलाना और सुबह-शाम चूल्हें फूंकना राजकुमारी के जिंदगी की जद्दोजेहद में शामिल थी। शहर से लगभग 90 किलोमीटर दूर पेंड्रीडीह गाँव की पहाड़ी कोरवा महिला राजकुमारी की ख्वाहिश तो थी कि वह पढाई करें और कुछ नौकरी करें। पढ़ाई की उनकी यह ख्वाहिश पूरी तरह से पूरी नहीं हो सकी। लेकिन जितना भी पढ़ी थीं, उन्हें समझ थी कि पढ़ाई ही एक ऐसा माध्यम है जो उन्हें और और उनके समाज को उन्नति की राह पर आगे ले जा सकता है। एक उम्र के साथ ही घर वालो द्वारा रिश्ता तय करने के बाद ससुराल आई राजकुमारी को जब मालूम हुआ कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा जिले के शिक्षित पहाड़ी कोरवाओं को नौकरी दी जा रही है तो उन्होंने देरी नहीं की। अपना आवेदन दिया और पक्के इरादों के साथ जंगल से दूर आकर शहर में नौकरी शुरू की। अब जब नौकरी मिल गई है तो पहाड़ी कोरवा राजकुमारी की दिनचर्या ही बदल गई है। पहले सुबह उठते ही जो कदम उबड़-खाबड़ पगडंडियों से होकर जंगल की ओर जाया करते थे, अब वह जिंदगी की नई पारी और एक नई जिम्मेदारी के साथ स्कूल की ओर आती है।

04 Aug 2024 05:41AM,
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