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मोहम्मद इस्माइल ख़ान, जंग के मैदान का पुराना नाम ,अफ़ग़ानिस्तान के हेरात प्रांत की लड़ाई में बड़ा चेहरा बनकर सामने आया है। पिछले दो हफ़्तों में ख़ान ने हथियार उठाकर तालिबान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई का नेतृत्व किया है. नतीजतन कई अफ़ग़ान समाचार एजेंसियों ने हेरात शहर के बचे रहने का श्रेय ख़ान और उनके लड़ाकों को दिया है । निजी अख़बार अरमान-ए-मेली ने अपने संपादकीय में लिखा, "अगर आमिर इस्माइल ख़ान और उनके कमांड में काम करने वाले उनके वफ़ादार नहीं होते, तो हेरात तालिबान के क़ब्ज़े में होता... इस्माइल ख़ान और 'सार्वजनिक विद्रोही बलों' की वीरता भरी तेज़ प्रतिक्रिया ने ख़तरे को दूर कर दिया और तालिबान को भारी नुक़सान पहुंचाया।

09 Aug 2021 03:35AM,
by: Imran Khan