Babuaa Desk

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20 साल तक विकेट के एक एन्ड से बॉलिंग करना आसान नहीं होता है खासकर जब आप तेज़ बॉलर हो तिसपर आप अगर पुरुष नहीं है स्त्री है और क्रिकेट खेल रही है वो भी भारत से तो मायने रखती है। भारत मे महिलाओं के लिए समय बीत जाने के बाद भी पुरुषों के बराबर खड़े होने का अवसर नही मिलता है। इसका उदाहरण क्रिकेट खेल को ही ले लीजिए देश के पुरुष खिलाड़ी जो A केटेगरी है उनका सालाना पारिश्रमिक7 करोड़ रुपये है जबकि महिलाओं की A केटेगरी के लिए50 लाख रुपये है। कहने का मतलब बुमराह और झूलन गोस्वामी को केवल पुरुष और महिला होने के कारण एक ही खेल खेलने के लिये बराबरी की बात छोड़िए13 गुना कम राशि दी जा रही है। शाबास झूलन दी

24 Sep 2022 06:43AM,
by: Babuaa Desk