Babuaa Desk

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भारत की अधिकांश जनसंख्या के पास अब तो मनोरंजन के अनेकानेक विकल्प आ गए है। कोरोना के चलते मनोरंजन का मुख्य साधन सिनेमा हॉल से फिल्में भी निकल कर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखने लगी है। अब केवल हिंदी फिल्म ही मनोरंजन का इकलौता साधन नही रह गयी है। शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने से 2005 से बहुत बड़ा तबका जिसे हिंदी कठिन लगने लगी है वे अब मनोरंजन के लिए हिंदी के बजाय अंग्रेजी भाषा की फिल्में(गाना रहित) और धारावाहिक देखना पसंद करते है। इसके बावजूद हिंदी भाषी क्षेत्र में हिंदी फिल्में देखने वालों की संख्या बहुत है जो किसी फिल्म को100 करोड़ की आय वाले क्लब से लेकर चार अंको की संख्या तक आय दिला सकते है। हाल ही दक्षिण की फिल्में इस बात का प्रमाण है कि दमदार कहानी, अभिनय, और भव्यता हो तो धूम मच सकता है। फिल्म और बहिष्कार

09 Aug 2022 07:29AM,
by: Babuaa Desk