DPR Chhattisgarh

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रायपुर, 11 मार्च 2026/धमतरी जिले की सायरा बानो ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का जज़्बा हो, तो कोई भी कठिन परिस्थिति सफलता की राह नहीं रोक सकती। शारीरिक दिव्यांगता और अत्यंत कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद सायरा बानो आजआत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई हैं।
       कुछ समय पहले तक सायरा बानो का जीवन आर्थिक तंगी में गुजर रहा था। रोजगार के अभाव में उनके लिए रोज़मर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी बड़ी चुनौती बन गया था। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया और रोजगार के लिए जिला प्रशासन से सहायता की मांग की। सायरा बानो ई-रिक्शा चलाकर बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

11 Mar 2026 11:09AM,
by: Mahak Qureshi
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रायपुर, 11 मार्च 2026/ पारंपरिक कौशल, जैसे मिट्टी के बर्तन, कढ़ाई और लकड़ी का काम, स्थानीय सामग्रियों का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के माध्यम से न केवल रोजगार प्रदान करता है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन – बिहान योजना के तहत जशपुर जिले की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल गढ़ रही हैं। कांसाबेल विकासखंड के ग्राम सेम्हर कछार की हरियाली स्व-सहायता समूह की 11 महिलाओं ने छिंद कासा से आकर्षक टोकरी और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद तैयार कर अपनी आजीविका को मजबूत किया है। पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद बना आजीविका का साधन

11 Mar 2026 07:52AM,
by: Mahak Qureshi