05 Sep 2023

Generic placeholder image

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों और प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा कि पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाकर हम गौरवान्वित महसूस करते हैं। डॉ. राधाकृष्णन एक दार्शनिक और अध्यापक भी रहे हैं। देश को शिक्षा की दिशा में आगे ले जाने में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने उच्च नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारा और अपने छात्रों को भी प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक अच्छा नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा के माध्यम से वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं। आशा है कि डॉ. राधाकृष्णन के पदचिन्हों पर चलते हुए सभी शिक्षक देश और समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने गुरूजनों को शिक्षक दिवस पर दी शुभकामनाएं

05 Sep 2023 07:53AM,
by: Tikendra Sinha
Generic placeholder image

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों विशेषकर सभी माताओं को हलषष्ठी (कमरछट) की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई बलरामजी के जन्मोत्सव के रूप में हलषष्ठी मनाई जाती है। छत्तीसगढ़ में यह त्यौहार कमरछठ के नाम से मनाया जाता है। इस दिन घरों और मंदिरों में तालाब के प्रतिरूप स्वरूप सगरी बनाई जाती है। महिलाएं इकट्ठा होकर पसहर चावल, काशी फूल, महुआ पत्ते, लाई अर्पित कर भगवान शिव और सगरी की पूजा-अर्चना करती हैं। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर अपने बच्चों के स्वास्थ्य, लंबी उम्र और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं। मुख्यमंत्री ने कामना की है कि सभी माताओं की कामना पूरी हो, सभी बच्चे स्वस्थ और खुशहाल रहे। मुख्यमंत्री ने हलषष्ठी की दी शुभकामनाएं

05 Sep 2023 05:01AM,
by: Tikendra Sinha
Generic placeholder image

छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न कृषि अनुसंधान परियोजनाओं एवं गतिविधियों का निरीक्षण किया । उन्होंने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के सहयोग से संचालित धान प्रजनन आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत एक्सीलरेटेड ब्रीडिंग फेसिलिटी का लोकार्पण किया। कंसल्टेटिव ग्रुप ऑफ इंटरनेशनल एग्रीकल्चरल रिसर्च (सी.जी.आई.ए.आर.) के तकनीकी मार्गदर्शन में संचालित इस कार्यक्रम के तहत धान की नवीन किस्मों के विकास में लगने वाली 12 वर्ष की अवधि को घटाकर कर 6 वर्ष किया जा सकेगा। 

05 Sep 2023 05:00AM,
by: Tikendra Sinha