10 Jul 2023

Generic placeholder image

1932 से लेकर 1970 तक भारतीय क्रिकेट टीम को औसत दर्जे की टीम माना जाता था।विदेशों में जीत तुक्का हुआ करती थी। न्यूज़ीलैंड से एकात सीरीज भले ही जीत लिए थे लेकिन इंग्लैंड जिसे क्रिकेट की काशी कहा जाता है वहां जीत नहीं मिली थी। ब्लेक स्ट्रॉम कहे जाने वेस्ट इंडीज , ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतना मानो स्वप्न था। इसके चलते भारतीय क्रिकेट टीम को भाव नही मिलता था। 1971 में मुम्बई से एक ओपनर बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर का चयन हुआ। ये बल्लेबाज़ घरेलू क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन कर रहा था। वेस्टइंडीज दौरे में प्रदर्शन मैच में इस बल्लेबाज़ ने 125 रन की पारी खेला। पहले टेस्ट मैच में इस बल्लेबाज को जगह नही मिली लेकिन दूसरे टेस्ट के दोनो परियों में ये बल्लेबाज़ शतक की ओर बढ़ रहा था तब कप्तान अजीत वाडेकर ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे कि ये शतक न बना सके। क्यो? सुनील मनोहर गावस्कर

10 Jul 2023 05:38AM,
by: Babuaa Desk