17 Aug 2023

Generic placeholder image

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा दिए जाने से मत्स्य पालकों को ब्याज मुक्त ऋण तथा अन्य सुविधाएं मिलने से मत्स्य पालन की लागत में कमी आई है और मछुआरों की आमदनी बढ़ी है। प्रदेश में मछली पालन के लिए 2 लाख हेक्टेयर से अधिक जल क्षेत्र उपलब्ध है। मत्स्य बीज उत्पादन के लिए 86 हेचरी, 59 मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, 647 हेक्टेयर संवर्धन पोखर उपलब्ध है, जहां उन्नत प्रजाति के 330 करोड़ मछली बीज फ्राई का उत्पादन किया जा रहा है। राज्य की आवश्यकता 143 करोड़ की है। शेष 187 करोड़ मछली बीज अन्य राज्यों को निर्यात किया जा रहा है। राज्य मछली बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है एवं पूरे देश में मत्स्य बीज उत्पादन के क्षेत्र में पांचवें स्थान पर है।

17 Aug 2023 04:51AM,
by: Tikendra Sinha