19 Aug 2023

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भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने उस जनहित याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है जिसमें किशोर उम्र में आपसी सहमति से यौन संबंध को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का निर्देश देने की मांग की गई है। जनहित याचिका में दावा किया गया कि लाखों 18 साल से कम उम्र की लड़कियां और 18 साल से अधिक उम्र के लड़के सहमति से यौन संबंध बनाते हैं लेकिन वैधानिक बलात्कार के लिए लड़के को गिरफ्तार कर लिया जाता है, लड़की गर्भवती हो जाती है और माता-पिता पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हैं। कोर्ट ने केंद्र से भारत में रोमियो-जूलियट कानून के आवेदन पर प्रतिक्रिया मांगी, जो लड़के को गिरफ्तारी से बचाता है अगर उसकी उम्र लड़की से चार साल से अधिक न हो। विशेष रूप से, POCSO अधिनियम के तहत, नाबालिगों (18 वर्ष से कम) की सहमति महत्वहीन है, और किसी भी सहमति वाली गतिविधि को यौन हमला कहा जाता है। वहीं, धारा 375 के तहत 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ यौन संबंध बलात्कार माना जाएगा, भले ही उसने सहमति दी हो। जनहित याचिका वकील हर्ष विभोरे सिंघल ने अपनी निजी हैसियत से दायर की है।

19 Aug 2023 06:24AM,
by: Babuaa Desk