24 Aug 2026

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क्या है मामला: नवदीप सूरी (जो यूएई, मिस्र और ऑस्ट्रेलिया में भारत के राजदूत रह चुके हैं) ने बताया कि उन्होंने बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) के पास जाकर अपना वोटर आईडी और आधार कार्ड जमा किया था, जहां उन्हें सब कुछ सही होने का भरोसा दिया गया।  2003 के डेटा से मिसमैच: बाद में उन्हें मैसेज मिला कि उनके दस्तावेज वर्ष 2003 के SIR डेटा से मेल नहीं खा रहे हैं और उन्हें अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज लाने को कहा गया।  सूरी का तर्क: उन्होंने कहा कि 2003 में वे लंदन में भारतीय उच्चायोग में तैनात थे और उन्होंने उस समय की SIR प्रक्रिया में भाग नहीं लिया था।  आम नागरिकों पर सवाल: उन्होंने सरकार के 'ईज ऑफ लिविंग' (Ease of Living) के नारे पर तंज कसते हुए लिखा, "अगर तीन देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद मुझे अपनी नागरिकता साबित करने में परेशानी हो रही है, तो आम नागरिक का क्या हश्र होता होगा?" 

24 Aug 2026 07:57AM,
by: Babuaa Desk