28 Jun 2023

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महाभारत की चर्चित कथा है अपने वन्य प्रदेश में गुरु नहीं होने की वजह से एक छात्र एकलव्य गुरु द्रोणाचार्य की मूर्ति बनाता है और उसे सामने रखकर तीरंदाजी का अभ्यास करता है। कुछ बरसों पूर्व तक छत्तीसगढ़ में भी एकलव्य जैसी प्रतिभाओं के विकास के लिए किसी तरह की एकेडमी नहीं थीं द्रोण की तरह शिक्षक नहीं थे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने खेलों की आधारभूत संरचना तैयार करने की पहल की और तीरंदाजी की तरह ही अन्य खेलों के प्रतिभाशाली एकलव्य जैसे हजारों युवाओं के लिए राह आसान हुई। भारत के संदर्भ में देखें तो तीरंदाजी स्पर्धाओं में आदिवासी इलाकों से ही अधिक संख्या में प्रतिभाओं ने अंतरराष्ट्रीय मंच में भारत का नाम बढ़ाया है। इसके चलते छत्तीसगढ़ में भी इस क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे लाने की जरूरत थी।

28 Jun 2023 02:33PM,
by: Tikendra Sinha
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मुस्कान स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल महासमुन्द में कक्षा नवमीं में पढ़ती हैं, मुस्कान बताती हैं कि फ्री में इंग्लिश मीडियम स्कूल की अच्छी पढ़ाई के कारण अब मम्मी-पापा को फ़ीस की टेंशन नहीं होती। हमें क्वालिटी एजुकेशन मिल रही है, जो पहले प्राइवेट स्कूल में महंगी फ़ीस के साथ मिलती थी। मुस्कान के पापा ऑटो चलाते हैं, उसने कहती है पहले वाले स्कूल में फ़ीस भरने में बहुत तकलीफ़ होती थी, लेकिन अब सब बहुत अच्छा है, मैं बड़ी होकर सीए बनूंगी और अपना सपना पूरा करूंगी। मुस्कान जैसे विद्यार्थी आज बेहतर माहौल में अच्छी शिक्षा प्राप्त प्राप्त कर रहे हैं, क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा की नींव मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। स्वामी आत्मानंद स्कूल: सुलभ होता क्वालिटी एजुकेशन

28 Jun 2023 02:33PM,
by: Tikendra Sinha