बिलासपुर: महापौर पूजा विधानी की अध्यक्षता में एमआईसी की पहली बैठक, 35 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

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नगर निगम बिलासपुर में नई सरकार के गठन के बाद महापौर पूजा विधानी की अध्यक्षता में एमआईसी ( मेयर इन कौंसिल ) की पहली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कुल 37 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 35 को मंजूरी दे दी गई, जबकि दो प्रस्तावों को संशोधन के लिए रोक दिया गया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि विद्युत विभाग के तहत स्ट्रीट लाइट और पोल लगाने के लिए पहले जारी किए गए पांच करोड़ के ठेके को निरस्त कर दिया जाएगा। अब इस कार्य के लिए नए सिरे से टेंडर निकाला जाएगा, जिससे शहर की सड़कों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। जल विभाग से जुड़े एक अहम फैसले में, प्लास्टिक (PVC) पाइपलाइन की जगह अब लोहे की पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव पारित किया गया।

एमआईसी सदस्यों ने पीवीसी पाइप की टिकाऊ क्षमता पर सवाल उठाते हुए लीकेज की समस्या का हवाला दिया। इस पर सहमति बनी। महापौर पूजा विधानी ने बैठक के दौरान जल विभाग के अधिकारियों से शहर के उन वार्डों की जानकारी ली, जहां जल संकट की समस्या अधिक गंभीर है।

उन्होंने गर्मी के मौसम में जल आपूर्ति के लिए टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, घुरू, खमतराई, बिजौर, लिंगियाडीह, कोनी और सकरी जैसे नए वार्डों में जल समस्या समाधान के लिए बजट स्वीकृत किया गया। बैठक में नगर निगम द्वारा लिए जाने वाले यूजर चार्ज और बकाया वसूली पर भी चर्चा हुई। एमआईसी सदस्यों ने सुझाव दिया कि बकाया राशि की एकमुश्त वसूली के बजाय इसे किश्तों में वसूलने का विकल्प दिया जाए, जिससे नागरिकों पर वित्तीय दबाव न पड़े।

निगम में कार्यरत 302 दैनिक वेतनभोगी और टास्क फोर्स के कर्मचारियों के कार्यकाल को अस्थायी रूप से पांच महीने के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस विस्तार के चलते 12 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान का बोझ निगम पर आएगा। साथ ही, वाहन शाखा में ड्राइवर और हेल्परों के कार्यकाल विस्तार को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, जोन-2 में 146 प्लेसमेंट कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ।


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