रायपुर नगर निगम बजट : महापौर मीनल चौबे ने पेश किया बजट

feature-top

महापौर मीनल चौबे ने रायपुर नगर निगम के लिए अपना पहला बजट पेश किया. कुल 1529 करोड़ 53 लाख 28 हजार रुपए के बजट में 1528 करोड़ 73 लाख 83 हजार रुपए का व्यय तो 79 लाख 45 हजार रुपए मुनाफे का अनुमान जताया गया है.

महापौर मीनल चौबे ने बजट में रायपुर नगर निगम के आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल अनुमानित आय 1,462 करोड़ 41 लाख 87 हजार रुपए बताया है, जिसमें पूंजीगत आय 856 करोड़ 58 लाख 42 हजार रुपए और डिपॉजिट वर्क आय 46 करोड़ 17 लाख 25 हजार रुपए है.

महापौर ने बताया कि लोक कर्म विभाग से संबंधित कार्यों के लिए कुल 97 करोड़ 03 लाख 56 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अंतर्गत मुख्य रूप से बड़े नालों के निर्माण के लिए 05 करोड़, सीमेंट मार्ग निर्माण के लिए 01 करोड़, मार्ग का डामरीकरण के लिए 05 लाख, जोन कार्यालय एवं प्रत्येक वार्ड में कार्यालय भवन के लिए 02 करोड़, फुटपाथ एवं पेवर निर्माण के लिए 50 लाख, चौराहों का पुनर्विकास के लिए 10 करोड़, नाली निर्माण के लिए 05 करोड़, डब्लूबीएम मार्ग के लिए 01 करोड़, महापौर निधि के लिए 02 करोड़ 25 लाख, अध्यक्ष निधि के लिए 01 करोड़ 50 लाख का प्रावधान रखा गया है. वहीं जल कार्य विभाग से संबंधित कुल व्यय का 68 करोड़ 25 लाख 18 हजार रुपए का अनुमान जताया गया है.

इसके पेयजल परिवहन कार्य के लिए 01 करोड़ 50 लाख रुपए, पावर पंप क्रय/स्थापना कार्य के लिए 30 लाख रुपए, जल व्यवस्था के लिए 02 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. राजस्व विभाग के लिए 14 करोड़ 52 लाख 63 हजार रुपए के व्यय का प्रस्ताव किया गया है. इसमें अलावा खाद्य, लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के लिए 77 करोड़ 55 लाख 27 हजार रुपए का प्रावधान रखा गया है. इसमें मच्छर उन्मूलन, आवारा कुत्तों के बधियाकरण, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, मशीन क्रय, सफाई मित्र योजना, चिकित्सालयों के लिए दवाइयों एवं उपकरणों की खरीद शामिल है.

विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के लिए 73 करोड़ 99 लाख 29 हजार रुपए के व्यय का अनुमान जताया गया है. इसके अंतर्गत मार्ग विद्युतीकरण के लिए 01 करोड़ रुपए, सौर ऊर्जा से संबंधित कार्यों के लिए 50 लाख रुपए, विद्युत सामग्री क्रय के लिए 02 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. गरीबी उन्मूलन एवं सामाजिक कल्याण विभाग के लिए 88 लाख 60 हजार रुपए का व्यय प्रावधानित किया गया है. वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए कुल 42 लाख 56 हजार रुपए का प्रस्ताव किया गया है.

इसके अंतर्गत निगम क्षेत्र की निर्धन महिलाओं को कुटीर उद्योगों के माध्यम से स्व-रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा. बजट में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के लिए 07 करोड़ 89 लाख 57 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है. वहीं अनुसूचित जाति एवं जनजाति वार्डों के विकास कार्यों के लिए 06 करोड़ 60 लाख रुपए का प्रावधान है. इसके साथ इस वर्ग के युवाओं एवं महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का विशेष प्रावधान रखा गया है. इसके अलावा खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 02 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.

इसमें खिलाड़ियों के लिए खेल शिविर, खेल प्रशिक्षण एवं वार्षिक समारोह का खर्च शामिल है. पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग के लिए 27 करोड़ 10 लाख 90 हजार रुपए के व्यय का प्रस्ताव रखा गया है. इसमें नवीन उद्यानों की स्थापना के लिए 08 करोड़ 80 लाख रुपए, उद्यानों का संधारण के लिए 03 करोड़ 85 लाख रुपए, खेलकूद सामग्री के लिए 02 करोड़ 20 लाख रुपए, वृक्षारोपण के लिए 02 करोड़ 75 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है. संस्कृति, पर्यटन, मनोरंजन एवं विरासत संरक्षण विभाग के लिए 03 करोड़ 42 लाख 55 हजार रुपये का व्यय प्रस्तावित किया गया है. इसमें छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु संगोष्ठियों का आयोजन एवं प्रोत्साहन, निगम कर्मचारियों एवं जनता के लिए संगीत एवं सांस्कृतिक क्लबों की स्थापना के लिए व्यय शामिल है. इसके साथ जोन व्यय के लिए जोन कार्यालयों के माध्यम से 189 करोड़ 93 लाख 69 हजार रुपए के व्यय का प्रस्ताव रखा गया है.

इसमें सफाई ठेका के लिए 58 करोड़ 01 लाख 25 हजार रुपए, गालियों का कांक्रीटीकरण – 17 करोड़ 64 लाख 20 हजार रुपए, मार्ग संधारण के लिए 10 करोड़ 77 लाख 54 हजार रुपए, सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 07 करोड़ 74 लाख 98 हजार रुपए, समस्त भवनों का वार्षिक संधारण के लिए 03 करोड़ 37 लाख 71 हजार रुपए, नालियों का वार्षिक संधारण के लिए 06 करोड़ 95 लाख 38 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है. महिला स्वावलंबन योजना के तहत दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन शहरी गरीबों और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महिला स्व-सहायता समूहों को बैंक लिंकेज से जोड़ा जाएगा.

उन्हें उनके व्यवसाय से संबंधित कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा. उन्हें डिजिटल लेनदेन का प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाया जाएगा. चिन्हांकित स्थानों का विकास प्रमुख बाजारों को विकसित किया जाएगा ताकि व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाया जा सके. इसके अलावा तृतीय लिंग समुदाय के लिए प्रशिक्षण तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों को उनकी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा. उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया जाएगा. कामकाजी महिलाओं के लिए वसति गृह रायपुर में तीन स्थानों पर कामकाजी महिला वसति गृह (Hostel for Working Women) का निर्माण किया जाएगा.

सार्वजनिक महिला प्रसाधन गृह बाजारों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुविधायुक्त महिला प्रसाधन गृह बनाए जाएंगे. इनमें सेनेटरी वेंडिंग मशीन और बेबी फीडिंग रूम भी उपलब्ध होंगे. यही नहीं महिला सुरक्षा हेतु सर्विलेंस कैमरे महिला सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सर्विलेंस कैमरे लगाए जाएंगे. महिला स्वावलंबन, सुरक्षा और सुविधा विस्तार हेतु 20 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है. रायपुर को महानगरीय स्वरूप प्रदान करने के लिए उद्योग भवन, राजेंद्र नगर, सरोना और तेलीबांधा में फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा. शहर के 18 प्रमुख चौक-चौराहों का पुनर्विकास किया जाएगा. यातायात एवं अपराध नियंत्रण को सुदृढ़ करने हेतु सीसीटीवी कैमरे एवं आधुनिक निगरानी तंत्र स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा चिन्हित स्थानों पर स्वचालित पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी. सड़कों के डामरीकरण एवं वृक्षारोपण की ठोस पहल की जाएगी. इन सभी कार्यों के लिए ₹61 करोड़ की राशि बजट में निर्धारित की गई है


feature-top