नए वित्त वर्ष में बड़े बदलाव: UPI, GST, क्रेडिट कार्ड और टैक्स नियमों में संशोधन

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नया वित्त वर्ष कल से शुरू हो रहा है। इस फाइनेंशियल ईयर के शुरू होते ही कई नियमों बदलाव होगा। इसमें यूपीआई पेमेंट से लेकर बैंकों में कम से कम पैसा रखने तक का नियम शामिल है। आइए एक-एक करके जानते हैं इन सभी के विषय में -1- इन UPI आईडी से नहीं होगा पेमेंट नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है।

इस गाइडलाइन के अनुसार अब बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रवाइडर (PSP) को हर हफ्ते अपने नंबर को अपडेट करना होगा। ऐसे में वो यूपीआई आईडी को लम्बे समय से एक्टिव नहीं हैं उन्हें बंद किया जा सकता है।

एनपीसीआई के इस गाइडलाइन का प्रयास है कि इससे एरर फ्री ट्रांजैक्शन किया जाए। नए GST नियमों की शुरुआत जीएसटी पोर्टल को सुरक्षित बनाया जा रहा है।

जिसकी वजह एक अप्रैल से पोर्टल पर मल्टी-फैक्टर अथेंटिकेशन (MFA) लागू हो जाएगा। इस व्यवस्था के शुरू होने से टैक्सपेयर्स के साथ हो रहे फ्रॉड में कमी लाई जा सकेगी। इसके अलावा ई-वे बिल्स अब उनके लिए जनरेट किया जा सकेगा जिनका बेस डॉक्यूमेंट 180 दिन से पुराना नहीं हो।

कुछ क्रेडिट कार्ड के नियमों में भी हो रहा है बदलाव SBI SimplyCLICK और Air India SBI Platinum Credit Card के रिवार्ड प्वाइंट सिस्टम में अब बदलाव देखा जा सकता है। एक्सिस बैंक अपने विस्तारा क्रेडिट कार्ड को अपडेट कर रहा है। बता दें, विस्तारा के एयर इंडिया में मर्जर हो गया है।

अब 12 लाख रुपये तक टैक्स फ्री ऐसे लोग जिनकी आय 12 लाख रुपये तक है, उन्हें अगले वित्त वर्ष से कोई टैक्स नहीं देना होगा। वेतनभोगी कर्मचारियों को 75000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलेगा। जिसकी वजह से न्यू टैक्स रिजीम में 12.75 लाख रुपये तक टैक्स फ्री हो जाएगा।

न्यू टैक्स रिजीम के तहत टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया गया है। इन बैंकों ने मिनिमम बैलेंस को बढ़ाया अधिकतर बैंक जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, केनारा बैंक एक अप्रैल से न्यूनतम बैलेंस की लिमिट को बदल रहे हैं। उससे कम पैसा रखने पर इन बैंकों के ग्राहकों को पेनाल्टी देनी होगी।


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