प्रयागराज में अमानवीय, अवैध तोड़फोड़ ने हमारी अंतरात्मा को झकझोर दिया: सुप्रीम कोर्ट

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प्रयागराज में आवासीय घरों को गिराए जाने की घटना को "अमानवीय और अवैध" बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नगर विकास प्राधिकरण को छह सप्ताह के भीतर प्रत्येक पीड़ित मकान मालिक को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।

जस्टिस अभय एस ओका और उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा, "जिस तरह से तोड़फोड़ की गई है, उससे हमारी अंतरात्मा को झटका लगा है। अपीलकर्ताओं के घरों को बेरहमी से ध्वस्त किया गया है। आश्रय का अधिकार, कानून की उचित प्रक्रिया जैसी कोई चीज होती है।"

पीठ ने कहा कि तोड़फोड़ का "बेरहमी भरा" तरीका अधिकारियों की ओर से असंवेदनशीलता को दर्शाता है, जबकि "देश में कानून का शासन" रेखांकित करता है।


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