वक्फ संशोधन बिल: अमित शाह ने गैर-मुस्लिम सदस्यता पर किया स्पष्टिकरण

feature-top

लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर हो रही चर्चा में भाग लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह साफ किया कि वक्फ में कोई भी गैर इस्लामिक सदस्य नहीं होगा।

उन्होंने विपक्षी सदस्यों की आपत्तियों और फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करते हुए दो टूक कहा कि वक्फ में न तो मुतल्लवी गैर मुस्लिम होगा और न ही कोई और। उन्होंने कहा कि वक्फ एक अरबी शब्द है, जिसका इतिहास कुछ हदीसों से जुड़ा मिलता है। शाह ने जोर देकर कहा कि वक्फ में कोई भी गैर मुस्लिम सदस्य नहीं आएगा।

उन्होंने कहा कि आज देश में भ्रम फैलाया जा रहा है लेकिन हम उस पर स्थिति साफ कर देना चाहते हैं। शाह ने कहा कि आज जिस अर्थ में इसका उपयोग किया जाता है, वह है- अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान।

अभी जो हम समझ रहे हैं, वह यह कि वक्फ इस्लाम के दूसरे खलीफा उमर के समय अस्तित्व में आया। वक्फ एक प्रकार का चैरिटेबल एंडोरमेंट है, जिसमें व्यक्ति पवित्र दान करता है। दान उसी चीज का किया जा सकता है जो हमारा है। इसमें सरकारी संपत्ति या किसी दूसरे की संपत्ति का दान नहीं किया जा सकता।


feature-top