डीएमके नेता वी. सेंथिल बालाजी ने तमिलनाडु में अपने मंत्री पद की नियुक्ति का बचाव करते हुए कहा कि इससे उनके मनी लॉन्ड्रिंग मामले में निर्धारित जमानत शर्तों का उल्लंघन नहीं हुआ। उन्होंने तर्क दिया कि अनुच्छेद 21 के तहत राजनीतिक पद धारण करना उनका अधिकार है और उन्होंने अपनी जमानत वापस लेने की याचिका के पीछे के उद्देश्यों पर सवाल उठाया।

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डीएमके नेता वी. सेंथिल बालाजी ने तमिलनाडु में अपने मंत्री पद की नियुक्ति का बचाव करते हुए कहा कि इससे उनके मनी लॉन्ड्रिंग मामले में निर्धारित जमानत शर्तों का उल्लंघन नहीं हुआ। उन्होंने तर्क दिया कि अनुच्छेद 21 के तहत राजनीतिक पद धारण करना उनका अधिकार है और उन्होंने अपनी जमानत वापस लेने की याचिका के पीछे के उद्देश्यों पर सवाल उठाया।


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