मराठी धरती पर उठी भाषा अधिकारों की आवाज- एम.के. स्टालिन

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मुंबई में ठाकरे बंधुओं की ‘वॉइस ऑफ मराठी’ रैली के बाद स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भाषा अधिकारों की लड़ाई अब राज्य की सीमाओं को पार कर चुकी है और महाराष्ट्र में आंदोलन बनकर फैल रही है।

उन्होंने लिखा, डीएमके और तमिलनाडु की जनता ने पीढ़ी दर पीढ़ी हिंदी थोपने का विरोध किया है. अब यह आंदोलन महाराष्ट्र में भी जनप्रवाह बन चुका है। स्टालिन ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह तमिलनाडु को फंड देने से इसलिए रोक रही है क्योंकि राज्य ने नई शिक्षा नीति को स्वीकार नहीं किया।

उन्होंने पूछा- 'क्या केंद्र सरकार समग्र शिक्षा अभियान के तहत तमिलनाडु को ₹2,152 करोड़ की वैध फंडिंग सिर्फ इसीलिए नहीं दे रही क्योंकि हमने हिंदी और संस्कृत थोपने वाली शिक्षा नीति लागू नहीं की?'


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