सर्वोच्च न्यायालय ने जांच एजेंसियों द्वारा उन वकीलों को बुलाने के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला शुरू किया है जो मामलों में राय देते हैं या पक्षों का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा यह जांच करते हैं कि क्या उन्हें नोटिस दिया जा सकता है। 

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सर्वोच्च न्यायालय ने जांच एजेंसियों द्वारा उन वकीलों को बुलाने के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला शुरू किया है जो मामलों में राय देते हैं या पक्षों का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा यह जांच करते हैं कि क्या उन्हें नोटिस दिया जा सकता है। 

मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ 14 जुलाई को मामले की सुनवाई करेगी, जब ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद अदालत फिर से खुलेगी।

यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कुछ वरिष्ठ वकीलों को तलब किए जाने के बाद की गई है। हालांकि, बाद में जांच एजेंसी ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने मुवक्किलों के खिलाफ धन शोधन की जांच में किसी भी वकील को समन जारी न करें।


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