अगर वही गलतियां दोहराईं तो महा विकास आघाड़ी का क्या औचित्य : उद्धव ठाकरे

feature-top

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने महा विकास आघाड़ी (एमवीए) की आगामी रणनीति और उसके अस्तित्व को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने लोकसभा चुनाव के बाद बनी सकारात्मक लहर के बावजूद विधानसभा चुनाव में हुई चूकों पर नाराज़गी जताई है। ठाकरे ने स्पष्ट कहा कि यदि विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर जो देरी और भ्रम देखा गया, वह भविष्य में भी जारी रहा, तो एमवीए के बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद एमवीए घटक दलों में आपसी समन्वय की भावना कम हुई और आत्मकेंद्रित रवैये ने स्थान ले लिया, जिससे विधानसभा चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने कहा, "कई निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार तय ही नहीं किए गए थे। यह एक गंभीर चूक थी, जिसे भविष्य में दोहराया नहीं जा सकता। यदि हम इसी तरह गलतियां दोहराते रहेंगे, तो एक साथ चलने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।"


feature-top