421 क्रिकेटर के हिस्से में आया केवल "1"टेस्ट

संजय दुबे

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जब भी कोई व्यक्ति क्रिकेट का बेट या बॉल हाथ में थामता है तो एक सपना जरूर देखता है कि वह देश के लिए टेस्ट जरूर खेले। 15मार्च 1877से टेस्ट क्रिकेट की शुरूआत हुई है । बीस माह बाद टेस्ट क्रिकेट के 150साल पूरे हो जाएंगे।

टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले देशों की संख्या बीते 148साल में ले दे कर 12पहुंची है। 12देश के 3242खिलाड़ियों ने अब तक टेस्ट क्रिकेट में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया है।

इंग्लैंड (719), ऑस्ट्रेलिया(471), दक्षिण अफ्रीका (374)वेस्ट इंडीज (340),भारत(317), न्यूजीलैंड (288), पाकिस्तान (257), श्रीलंका (167), जिम्बाब्वे (136), बांग्लादेश (106), अफगानिस्तान (38)और आयरलैंड से(29) खिलाड़ी अपने अपने देश का प्रतिनिधित्व किए है।

इन 2868खिलाड़ियों में इंग्लैंड के सेम कुक, ऑस्ट्रेलिया के कूपर कोनोली, भारत के साईं सुदर्शन,दक्षिण अफ्रीका के प्रेनेलन सुब्रॉयन, बांग्लादेश के महिदुल इस्लाम आलोंन, जिम्बाब्वे के विसेंट मासिकदा और आयरलैंड के क्रेग यंग ने टेस्ट जीवन की शुरुआत की है इसलिए इनका नाम केवल एक टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों से अलग रखा गया है।

अपने देश के लिए केवल "एक"टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों की संख्या इस प्रकार है इंग्लैंड -101 द .अफ्रीका - 69 भारत - 51 पाकिस्तान - 45 वेस्ट इंडीज - 44 न्यूजीलैंड - 32 जिम्बाब्वे - 21 श्रीलंका -19 ऑस्ट्रेलिया - 14 अफगानिस्तान - 14 बांग्लादेश -12 आयरलैंड - 07 3242खिलाड़ियों में से दस फीसदी खिलाड़ी सिर्फ एक टेस्ट खेल पाए।ये इनकी किस्मत और बदकिस्मत भी कहा जा सकता है।

खुश किस्मत इसलिए कि सदियों तक अपने देश के लिए खेलने वाले माने जायेगे और बदकिस्मत इसलिए कि भविष्य में फिर मौका ही नहीं मिला।


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