रायपुर : पुलिस महानिरीक्षक द्वारा अपराध समीक्षा बैठक, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर बल

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पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश कुमार मिश्रा द्वारा रेंज अंतर्गत जिलों के पुलिस अधीक्षकों की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद एवं बलौदाबाजार जिलों के पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा अन्य राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में श्री मिश्रा द्वारा लंबित अपराध निकाल अभियान की समीक्षा की गई। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 के पूर्व के लगभग 2100 लंबित प्रकरणों में से विगत छह माह में करीब 1850 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसे सराहनीय प्रयास मानते हुए प्रशंसा व्यक्त की गई। शेष लंबित प्रकरणों एवं नवीन कानूनों के तहत दर्ज अपराधों की गुणवत्तापूर्ण विवेचना के निर्देश दिए गए। साथ ही, संबंधित विभागों जैसे न्यायालय व चिकित्सा से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्यवाही करने पर बल दिया गया।

एनडीपीएस एक्ट के मामलों की समीक्षा करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं लीड करते हुए सर्च कार्रवाई करने, एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 25 व 27 का प्रभावी रूप से प्रयोग करने, तथा धारा 107 बीएनएसएस के तहत संपत्ति कुर्की/जप्ती की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। अंतर्राज्यीय नशीली दवाओं के गिरोह, सहयोगी कूरियर कंपनियों व सप्लाई चेन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा आदतन अपराधियों के खिलाफ पिट एनडीपीएस के तहत कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।

अवैध शराब के विरुद्ध कठोर कार्यवाही के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर निर्मित शराब की रासायनिक परीक्षण कर वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। चिटफंड एवं अन्य आर्थिक अपराधों के फरार आरोपियों की पतासाजी हेतु विभिन्न पोर्टल, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग एवं ओपन सोर्स इंटेलिजेंस का प्रयोग कर गिरफ्तारी के प्रयास करने पर बल दिया गया। इसके साथ ही थानों में जप्त वाहनों के निराकरण एवं राजसात की कार्यवाही, फर्जी दस्तावेजों के निर्माण में संलिप्त व्यक्तियों तथा गौवंश तस्करी एवं अवैध प्रवासियों पर सघन जांच के निर्देश दिए गए।

सायबर अपराधों के त्वरित समाधान हेतु थाना स्तर पर तकनीकी दक्ष अधिकारियों की ट्रेनिंग एवं रेंज स्तरीय समन्वय स्थापित कर एकीकृत कार्रवाई के दिशा-निर्देश दिए गए। अपराध में प्रयुक्त मोबाइल नंबर/आईएमईआई की ब्लॉकिंग, ट्रेसिंग एवं बैंक खातों को लीन मार्क/ब्लॉक करने तथा ओपन सोर्स इंटेलिजेंस के उपयोग से आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश भी शामिल रहे। आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून व्यवस्था सुदृढ़ रखने हेतु विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

गुंडा-बदमाश सूची के अद्यतन, एनएसए, जिला बदर एवं अन्य प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करते हुए प्रिडिक्टिव व प्रिवेंटिव पुलिसिंग को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों से आसूचना संकलन कर संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था एवं निरंतर पेट्रोलिंग करने के निर्देश भी दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु यातायात नियमों के पालन पर विशेष बल दिया गया। समस्त शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों को वाहन चलाते समय हेलमेट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।


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