विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र के बिना भी हो सकेगा तलाक की कार्यवाही : इलाहाबाद हाई कोर्ट

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि दोनों पक्ष विवाह को स्वीकार करते हैं, तो विवाह पंजीकरण न होने पर भी हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक की कार्यवाही पर कोई बाधा नहीं होगी। ऐसे मामलों में विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं है।

न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम ने यह आदेश देते हुए आजमगढ़ फैमिली कोर्ट के उस निर्णय को रद्द कर दिया, जिसमें विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र दाखिल करने की छूट देने की अर्जी खारिज कर दी गई थी। मामले में दंपती ने 23 अक्टूबर 2024 को आपसी सहमति से तलाक की संयुक्त याचिका दायर की थी।

 फैमिली कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा। इस पर याची ने पत्नी के समर्थन से अर्जी दाखिल की और बताया कि उनका विवाह पंजीकृत नहीं है, इसलिए प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।


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