लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसदीय बहसों की घटती गुणवत्ता और संसद व राज्य विधानमंडलों में बैठकों की घटती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता सार्थक चर्चा, शिष्टाचार और संवाद पर निर्भर करती है।

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसदीय बहसों की घटती गुणवत्ता और संसद व राज्य विधानमंडलों में बैठकों की घटती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता सार्थक चर्चा, शिष्टाचार और संवाद पर निर्भर करती है।

भुवनेश्वर में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समितियों के अध्यक्षों के राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए, श्री बिरला ने जवाबदेही सुनिश्चित करने में संसदीय समितियों की अपरिहार्य भूमिका पर ज़ोर दिया और विधायकों से व्यापक राष्ट्रीय हित में पक्षपातपूर्ण विभाजन से ऊपर उठने का आग्रह किया।


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