उधार का हेलमेट

संजय दुबे

feature-top

नगद का विलोम उधार है। हमारे देश में उधार मांगना, लेना, उधार लेने के बाद न देना सब प्रचलन में है। उधार प्रेम की कैची है, उधार अगले चौक से,आज नगद कल उधार, अटका बनिया दे उधार, ये सब है कहते सुनते है।

छत्तीसगढ़ में बीते एक सितंबर से अनोखा सामाजिक नियम लागू हुआ है।विधिक नियम सालों से है। कई बार यातायात पुलिस ने जोर मारा लेकिन फिसड्डी साबित हुए। कानून का पालन कराने का दम नहीं भर सकी।

ये जरूर हुआ कि आईएसआई मार्क वाले हेलमेट कम बिके, घटिया कंपनी के जिनका कोई स्टैंडर्ड नहीं था वे खूब बिके पुरुषों ने महिलाओं के छोटे हेलमेट पहन कर पिंकी भी बने। इस बार सरकार ने कानूनी कड़ाई के बजाय सामाजिक ढिलाई का रास्ता अख्तियार किया।

पेट्रोल के बिना गाड़ी चल ही नहीं सकती सो नो हेलमेट, नो पेट्रोल, याने सिर पर हेलमेट नहीं है तो पेट्रोल पंप में घुस भले जाइए मुंह की खानी पड़ेगी।पेट्रोल पंप का कर्मचारी बताएगा हेलमेट पहन कर आइए पेट्रोल भरवाइए , परिसर से बाहर जाइए हेलमेट पहने या न पहने,आपकी मर्जी।आखिर सर है आपका ।

राजधानी में नब्बे फीसदी लोग केवल पेट्रोल भराने के लिए हेलमेट की अनिवार्यता समझ रहे है। ट्रैफिक नियम के पालन के लिये नहीं। शहर में सड़को पर दौड़ते नब्बे फीसदी दो पहिया वाहन चालक के सिर पर हेलमेट नहीं है आखिरकार हेलमेट सिर पर नहीं है तो पेट्रोल कैसे मिल गया? उधार का हेलमेट प्रचलन में आ गया है। चार वाहन चालक एक हेलमेट लेकर जाते है ।बारी बारी पेट्रोल भरवाते है।काम निकल जाता है।

हमारे देश में स्टार्ट अप का बड़ा जोर शोर है। पेट्रोल भराने के लिए हेलमेट उपलब्ध कराना भी राजधानी में स्टार्ट अप बन गया है। पेट्रोल पंप के आस पास दस रुपए देने पर उधारी का हेलमेट नग़दी में मिल रहा है। पचास गाड़ी वाले मिल गए तो पांच सौ रुपए का जुगाड हो गया। कुछ पेट्रोल पंप वालो ने स्वयं की तरफ से सुविधा उपलब्ध करा दी है।

ग्राहक, भगवान का रूप होता है।भगवान को हेलमेट पहनाना भी धर्म है। सौजन्य से सभी लोग सुखी रहते है। यातायात विभाग का नियम है कि बिना हेलमेट पहने दो पहिया वाहन चलाने पर एक हजार रुपए तक का जुर्माना है। ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है लेकिन इसका सख्ती से पालन क्यों नहीं हो रहा है।इतनी लचर व्यवस्था क्यों है? उधार का हेलमेट के बजाय नगदी का हेलमेट दो पहियां वाहन चालकों के सर पर क्यों नहीं है। जान की सुरक्षा के बजाय हेलमेट का उपयोग पेट्रोल भरवाने के लिए क्यों अपनाया जा रहा है?


feature-top