मुसलमानों को बदनाम करने वाली पोस्ट पर असम भाजपा को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

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सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की असम इकाई और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स को राज्य में मुसलमानों को खुलेआम बदनाम करने और निशाना बनाने वाली सामग्री को तत्काल हटाने की मांग वाली याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने मुसलमानों के खिलाफ अभद्र भाषा और हिंसा तथा इसे रोकने के उपायों की जांच करने वाली एक लंबित जनहित याचिका में दायर एक आवेदन पर नोटिस जारी किया।

पटना उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश अंजना प्रकाश और पत्रकार कुर्बान अली द्वारा दायर इस आवेदन में 15 सितंबर को भाजपा असम प्रदेश के आधिकारिक एक्स हैंडल द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो को तत्काल हटाने की मांग की गई है। इसमें धर्मनिरपेक्षता और समानता की संवैधानिक गारंटी के उल्लंघन के लिए राजनीतिक दल को जवाबदेह ठहराने की भी मांग की गई है, जिसके अनुसार सभी नागरिकों के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव किए बिना समान व्यवहार किया जाना चाहिए।

आवेदन में कहा गया है कि वीडियो में एक “झूठी कहानी” पेश की गई है, जिसमें दर्शाया गया है कि यदि भाजपा सत्ता खो देती है तो असम पर मुस्लिमों का कब्जा हो जाएगा।


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