निजी स्कूलों की फीस वृद्धि नियंत्रण पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को दिया झटका

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निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस बढ़ाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र की सीमाएं तय कर दी हैं। अदालत ने दो निजी स्कूलों से जुड़े एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि दिल्ली सरकार का शिक्षा निदेशालय (डीओई) केवल मुनाफाखोरी और शिक्षा के व्यावसायीकरण पर अंकुश लगाने के दायरे तक ही फीस संरचना को नियंत्रित कर सकता है।

मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार निजी स्कूलों पर व्यापक नियंत्रण नहीं थोप सकती और न ही फीस वृद्धि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दे सकती है।

इस फैसले के साथ ही हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को सीमित करने की मांग की गई थी।


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