भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बड़ा झटका लगा है। बेल्जियम के एंटवर्प की अदालत ने उसके प्रत्यर्पण को वैध ठहराया है। कोर्ट ने माना कि चोकसी के अपराध भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं — 120-बी, 201, 409, 420 और 477-ए — के तहत दंडनीय हैं। साथ ही, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत भी सजा का प्रावधान है।

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भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बड़ा झटका लगा है। बेल्जियम के एंटवर्प की अदालत ने उसके प्रत्यर्पण को वैध ठहराया है। कोर्ट ने माना कि चोकसी के अपराध भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं — 120-बी, 201, 409, 420 और 477-ए — के तहत दंडनीय हैं। साथ ही, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत भी सजा का प्रावधान है।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ये अपराध बेल्जियम कानून में भी दंडनीय हैं, जिससे प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक दोहरी आपराधिकता का सिद्धांत पूरा होता है।

हालांकि, चोकसी ने इस आदेश के खिलाफ बेल्जियम के सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर दी है।


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