सनसनीखेज धर्मस्थल मामले से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कार्यकर्ताओं के खिलाफ विशेष जांच दल की जाँच पर लगी रोक हटा ली। न्यायमूर्ति मोहम्मद नवाज़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने विशेष जांच दल को निर्देश दिया कि जाँच के दौरान कार्यकर्ताओं को "परेशान" न किया जाए।

धर्मस्थल मामला: कर्नाटक की अदालत ने एसआईटी जांच पर लगी रोक हटाई

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सनसनीखेज धर्मस्थल मामले से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कार्यकर्ताओं के खिलाफ विशेष जांच दल की जाँच पर लगी रोक हटा ली। न्यायमूर्ति मोहम्मद नवाज़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने विशेष जांच दल को निर्देश दिया कि जाँच के दौरान कार्यकर्ताओं को "परेशान" न किया जाए।

इससे पहले, 30 अक्टूबर को, न्यायालय ने जाँच पर रोक लगा दी थी और एसआईटी को कार्यकर्ता गिरीश मटेन्नावर, महेश शेट्टी तिमारोडी, विट्ठल गौड़ा और टी. जयथ के खिलाफ कार्यवाही करने से रोक दिया था। ये कार्यकर्ता सामूहिक हत्याओं का आरोप लगाते हुए मंदिर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे रहे थे।

कार्यकर्ताओं ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और जाँच को रद्द करने की माँग करते हुए उच्च न्यायालय में एक याचिका भी दायर की है।


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