प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रायपुर जोनल टीम ने भारत माला योजना के तहत रायपुर–विशाखापत्तनम हाईवे परियोजना में अवैध मुआवजा घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। 29 दिसंबर 2025 को ईडी ने छत्तीसगढ़ के रायपुर और महासमुंद में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की।

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रायपुर जोनल टीम ने भारत माला योजना के तहत रायपुर–विशाखापत्तनम हाईवे परियोजना में अवैध मुआवजा घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। 29 दिसंबर 2025 को ईडी ने छत्तीसगढ़ के रायपुर और महासमुंद में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की।

यह कार्रवाई हरमीत सिंह खनुजा सहित अन्य आरोपियों के आवासीय और आधिकारिक परिसरों पर की गई। ईडी ने यह जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसमें तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) निर्भय साहू और अन्य पर भूमि अधिग्रहण में फर्जीवाड़ा कर अवैध मुआवजा दिलाने का आरोप है।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों से मिलीभगत कर भूमि के बड़े टुकड़ों को जानबूझकर परिवार के सदस्यों के नाम बैकडेट में विभाजित दिखाया। इससे कई छोटे भूखंड दर्शाकर अधिक मुआवजा हासिल किया गया। राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अधिग्रहण से पहले का झूठा बंटवारा दर्शाया गया, जिसके आधार पर करोड़ों का अतिरिक्त मुआवजा स्वीकृत और वितरित हुआ।

छापेमारी के दौरान ईडी ने 40 लाख रुपये नकद, डिजिटल डिवाइस और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं। साथ ही अपराध से अर्जित आय से खरीदी गई चल-अचल संपत्तियों की भी पहचान की गई है।


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