छत्तीसगढ़ के सरकारी विश्वविद्यालयों में जांच से पहले राज्यपाल की अनुमति अनिवार्य

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छत्तीसगढ़ के सरकारी विश्वविद्यालयों में अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब किसी भी अधिकारी, शिक्षक या कर्मचारी के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले राज्यपाल की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

वहीं, जांच पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय के लिए भी कुलाधिपति यानी राज्यपाल की स्वीकृति जरूरी होगी। इस संबंध में लोकभवन से आदेश जारी किया गया है। आदेश के बाद राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच अधिकारों को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है।

अब तक विश्वविद्यालयों में कुलपति स्तर तक के मामलों पर राज्यपाल का अधिकार क्षेत्र था। इसके नीचे के अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों में राज्य सरकार निर्णय लेती थी।

लेकिन नई व्यवस्था के तहत कुलसचिव या प्रभारी कुलसचिव को छोड़कर अब किसी भी अधिकारी, शिक्षक या कर्मचारी के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले राज्यपाल से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।


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