देश में आरक्षण को लेकर लंबे समय से बहस जारी है। सवाल यह है कि क्या आरक्षण का लाभ उन लोगों को भी मिलना चाहिए, जो अब सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो चुके हैं।

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देश में आरक्षण को लेकर लंबे समय से बहस जारी है। सवाल यह है कि क्या आरक्षण का लाभ उन लोगों को भी मिलना चाहिए, जो अब सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो चुके हैं।

अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC आरक्षण में पहले से ही ‘क्रीमी लेयर’ की व्यवस्था लागू है, जिसके तहत आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाता। अब यही मांग अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति यानी SC/ST आरक्षण को लेकर भी उठी है।

इस संबंध में भाजपा नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों से जवाब मांगा है।

याचिका में मांग की गई है कि SC/ST आरक्षण में भी क्रीमी लेयर की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि आरक्षण का लाभ वास्तव में जरूरतमंद और वंचित वर्ग तक पहुंच सके। याचिकाकर्ता का तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था के तहत SC/ST वर्ग के संपन्न परिवार बार-बार आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं, जबकि गरीब और पिछड़े परिवार पीछे रह जाते हैं।


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