दोष सिद्धि से पहले जमानत मौलिक अधिकार होनी चाहिए: पूर्व CJI डी.वाई. चंद्रचूड़

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जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कि दोष सिद्ध होने से पहले हर व्यक्ति को जमानत का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारा कानून निर्दोषिता की धारणा पर आधारित है और जब तक दोष साबित न हो, किसी को अपराधी नहीं माना जा सकता।

चंद्रचूड़ ने कहा कि जमानत केवल तभी रोकी जानी चाहिए, जब आरोपी के दोबारा अपराध करने, सबूतों से छेड़छाड़ करने या कानून से बचने का खतरा हो। उन्होंने चिंता जताई कि जिला व सत्र न्यायालयों में जमानत खारिज किए जाने के कारण कई मामले सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच रहे हैं।

हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में अदालतों को गहन जांच के बाद ही जमानत पर निर्णय लेना चाहिए।


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