अरावली में अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

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अरावली क्षेत्र में अवैध खनन और उससे जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।  शीर्ष अदालत ने कहा कि अवैध खनन से पर्यावरण को अपूरणीय क्षति हो सकती है, जिसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली शामिल हैं, ने अरावली में खनन गतिविधियों और उससे जुड़े पर्यावरणीय प्रभावों की व्यापक और समग्र जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्णय लिया है।

 अदालत ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और न्यायमित्र के. परमेश्वर को निर्देश दिया है कि वे चार सप्ताह के भीतर खनन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों के नाम सुझाएं, ताकि विभिन्न पहलुओं की गहन जांच के लिए एक सक्षम समिति बनाई जा सके।

पीठ ने स्पष्ट किया कि यह विशेषज्ञ समिति सुप्रीम कोर्ट के प्रत्यक्ष निर्देशन और निगरानी में कार्य करेगी।


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