केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने भारत की पहली व्यापक आतंकवाद-रोधी नीति जारी की। इसे 'प्रहार' नाम दिया गया है। इस नीति में सीमा पार से होने वाले आतंकवाद, साइबर हमलों, ड्रोन और उभरती तकनीकों के गलत इस्तेमाल जैसे खतरों का प्रमुखता से जिक्र किया गया है।

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केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने भारत की पहली व्यापक आतंकवाद-रोधी नीति जारी की। इसे 'प्रहार' नाम दिया गया है। इस नीति में सीमा पार से होने वाले आतंकवाद, साइबर हमलों, ड्रोन और उभरती तकनीकों के गलत इस्तेमाल जैसे खतरों का प्रमुखता से जिक्र किया गया है।

नीति में यह भी बताया गया है कि केवल सीमा पार से होने वाला आतंकवाद ही खतरा नहीं है, बल्कि आपराधिक हैकर और अन्य राष्ट्र भी भारत को निशाना बना रहे हैं। नीति में कहा गया है कि भारत को जल, थल और वायु मार्गों से आतंकवादी खतरों का सामना करना पड़ता है।

इसमें यह भी बतया गया है कि बिजली, रेलवे, विमानन, बंदरगाह, रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु उर्जा जैसे अर्थव्यवस्था के अहम क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए क्षमताएं विकसित की गई हैं।


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