भारत को एक स्थिर नेतृत्व की जरूरत है, लेकिन उसके पास 'समझौतावादी प्रधानमंत्री' : राहुल गांधी

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष भारत के पिछवाड़े तक पहुंच गया है, लेकिन उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। उन्होंने आगे कहा कि जहां देश को एक स्थिर नेतृत्व की जरूरत है, वहीं उसे एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो "समझौतावादी" है और जिसने हमारी रणनीतिक स्वायत्तता को त्याग दिया है।

गांधी ने कहा कि दुनिया एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुकी है और "आगे कठिन परिस्थितियाँ आने वाली हैं"। उन्होंने X कार्यक्रम में कहा, "भारत की तेल आपूर्ति खतरे में है, क्योंकि हमारे आयात का 40% से अधिक हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। एलपीजी और एलएनजी के लिए स्थिति और भी खराब है।"


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