भारत ने आसिया अंद्राबी का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान की आलोचना करी

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भारत ने प्रतिबंधित संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को दी गई उम्रकैद की पाकिस्तान की निंदा को खारिज कर दिया और कहा कि इस्लामाबाद का रुख हिंसा और निर्दोष लोगों की हत्या को बढ़ावा देने के बराबर है।

दिल्ली की एक अदालत ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और अन्य कानूनों के तहत दोषी पाए जाने के बाद अंद्राबी को आजीवन कारावास और उसके दो साथियों को 30 साल की कैद की सजा सुनाई। अंद्राबी प्रतिबंधित आतंकवादी समूह दुख्तरान-ए-मिल्लत की संस्थापक हैं।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर तीनों महिलाओं को दी गई सजा की निंदा की और फैसले को "न्याय का घोर उल्लंघन" तथा जम्मू-कश्मीर में "मौलिक अधिकारों के दमन" का प्रतिबिंब बताया। बयान में अंद्राबी को "एक प्रमुख कश्मीरी राजनीतिक नेता" भी कहा गया।


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