दिवालिया होने से पहले व्यवसायों के सौदों की जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा : निर्मला सीतारमण

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वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में बताया कि दिवालियापन और दिवालिया संहिता (आईबीसी) में संशोधन के तहत संकटग्रस्त कंपनियों के दिवालिया होने से पहले के लेन-देन की जांच का दायरा बढ़ाकर लंबी अवधि तक कर दिया गया है।

संसद के उच्च सदन ने संशोधन विधेयक को वापस भेज दिया, जिसे सोमवार को लोकसभा ने पारित कर दिया था।

सीतानिर्ता ने स्पष्ट किया कि 'पिछली अवधि' को बढ़ाकर दिवालिया होने से पहले के उन दो वर्षों के लेन-देन को शामिल किया गया है, जो ऋण समाधान कार्यवाही के पहले मंच, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष दिवालियापन याचिका दायर होने तक के हैं।


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