TCS नासिक उत्पीड़न मामला: कर्मचारियों ने सुनियोजित निशाना बनाने और धार्मिक दबाव डालने का आरोप लगाया

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महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की एक महिला कर्मचारी ने कार्यस्थल पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उन्हें छत पर बने एक अलग कमरे में रखा गया और उनका फोन व निजी सामान छीन लिया गया। उन्होंने इसे कार्यस्थल पर युवा महिलाओं को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाने का हिस्सा बताया। कर्मचारी ने एनडीटीवी को बताया कि वह छह साल से कंपनी में काम कर रही हैं और नासिक कार्यालय में स्थानांतरित होने के बाद उन्हें मुख्य भवन से अलग एक कमरे में अकेले काम करने के लिए मजबूर किया गया।

उन्होंने आगे कहा, "जब भी मैं वॉशरूम या किसी अन्य काम के लिए नीचे आती थी, तो सुरक्षा या अन्य बहाने बनाकर मेरा मोबाइल फोन, बैग और सारा निजी सामान जब्त कर लिया जाता था।" 

उन्होंने आरोप लगाया कि कई महिलाओं, विशेषकर 20 से 25 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं का शोषण और ब्रेनवॉशिंग की गई है। उन्होंने दावा किया कि मानव संसाधन विभाग भी जबरन धर्म परिवर्तन के कथित प्रयास में शामिल था और कहा, "भगवान का शुक्र है कि मैं बच गई; वरना आज मेरे साथ भी यही होता।"


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