'मगरमच्छ के आंसू', 'चुनावी भाषण': प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन पर विपक्ष की तीखी टिप्पणियां

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विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया राष्ट्रसंबोधन की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित और लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन बताया है, खासकर चल रहे राज्य चुनावों को देखते हुए। नेताओं ने सुझाव दिया कि भाषण की पक्षपातपूर्ण प्रकृति को देखते हुए इसे भाजपा के चुनाव प्रचार खर्च में गिना जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि भाषण सारहीन था और सरकार की विफलताओं से ध्यान हटाने का एक प्रयास था।


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