असम को झकझोर देने वाली एक क्रूर घटना के लगभग आठ साल बाद, नागांव की एक अदालत ने 2018 के अभिजीत नाथ-नीलोत्पल दास मॉब लिंचिंग मामले में अपना फैसला सुनाया। अदालत ने 45 आरोपियों में से 20 को दोषी ठहराया और अपर्याप्त सबूतों के कारण 25 को बरी कर दिया। दोषियों की सजा 24 अप्रैल को सुनाई जाएगी।

feature-top

असम को झकझोर देने वाली एक क्रूर घटना के लगभग आठ साल बाद, नागांव की एक अदालत ने 2018 के अभिजीत नाथ-नीलोत्पल दास मॉब लिंचिंग मामले में अपना फैसला सुनाया। अदालत ने 45 आरोपियों में से 20 को दोषी ठहराया और अपर्याप्त सबूतों के कारण 25 को बरी कर दिया। दोषियों की सजा 24 अप्रैल को सुनाई जाएगी।

यह मामला 8 जून, 2018 का है, जब गुवाहाटी के दो युवकों, अभिजीत नाथ और नीलोत्पल दास को कार्बी आंगलोंग जिले के पंजुरी कचारी गांव में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। यह हमला उन पर लगे बाल अपहरणकर्ताओं के आरोपों के कारण हुआ था - ये गलत सूचना उस समय सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई थी।


feature-top