पश्चिम बंगाल : एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की तैनाती से विवाद

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पश्चिम बंगाल में आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा की तैनाती को लेकर काफी विवाद खड़ा हो गया है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में दूसरे चरण के मतदान की तैयारी चल रही है। भाजपा और चुनाव आयोग के अनुसार, शर्मा को राज्य में "स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान" सुनिश्चित करने के लिए "पर्यवेक्षक" के रूप में भेजा गया है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने भाजपा पर मतदाताओं को डराने-धमकाने के लिए "एजेंटों को तैनात करके" अपने पक्ष में मतदान को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

टीएमसी ने X को जारी एक बयान में कहा, “योगी आदित्यनाथ के मुठभेड़ विशेषज्ञ अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना के लिए पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। यह वही व्यक्ति है जिसका गौरव 'मुठभेड़ों' में मारे गए लोगों की गिनती करना है और जिसकी असली खासियत पुलिस की वर्दी को निजी एटीएम और व्यक्तिगत प्रतिशोध के हथियार में बदलना है।”

सत्ताधारी पार्टी के बयान में आगे कहा गया है कि पाल पर आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश और महत्वपूर्ण सबूतों से छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया है।


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