उत्पीड़न, छेड़छाड़, दुर्व्यवहार: टीसीएस नासिक मामले पर महिला पैनल के निष्कर्ष

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राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय तथ्य-जांच समिति की रिपोर्ट में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के नासिक कार्यालय के दूषित वातावरण का विस्तृत विवरण दिया गया है, जहां कथित तौर पर कई महिला कर्मचारियों को वरिष्ठ सहकर्मियों द्वारा यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ के प्रयास, भावनात्मक दुर्व्यवहार और धार्मिक मान्यताओं का लक्षित अपमान झेलना पड़ा।

एनसीडब्ल्यू ने शिकायतों का स्वतः संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति साधना जाधव (बॉम्बे उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश) की अध्यक्षता में एक समिति गठित की। इस समिति में हरियाणा के पूर्व डीजीपी बीके सिन्हा, सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता मोनिका अरोरा और एनसीडब्ल्यू की वरिष्ठ समन्वयक लीलाबाती शामिल थीं। समिति ने 18 और 19 अप्रैल को नासिक का दौरा किया। इसकी 50 पृष्ठों की विस्तृत रिपोर्ट, जिसमें 25 से अधिक सिफारिशें शामिल हैं, 8 मई को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी गई।


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