बंगाल: चुनाव में हार के बाद तृणमूल को विद्रोह का सामना करना पड़ रहा

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अप्रैल-मई में हुए बंगाल चुनाव में मिली हार ने तृणमूल कांग्रेस के सावधानीपूर्वक बनाए गए ढांचे को चकनाचूर कर दिया, एक ऐसा मोर्चा जो भारतीय जनता पार्टी के 15 वर्षों के हमलों का सामना करता रहा था। 

इन 15 वर्षों में तृणमूल ने खुद को अजेय साबित किया। समय-समय पर मतभेद सामने आए और विवाद भी हुए, लेकिन लगातार चुनावी जीत के पीछे आंतरिक कलह दबी रही।

लेकिन इस  हार के बाद कलह और कलह की एक लहर उठी, जो अब पहले से कहीं अधिक मुखर विद्रोह में बदल गई है। तृणमूल नेता पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की रणनीति, उनके प्रति अपनी निष्ठा और कभी अजेय मानी जाने वाली इस राजनीतिक शक्ति के भविष्य पर सवाल उठा रहे हैं।


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