‘बहिष्करण का नया मॉडल’ : SIR पर AIMIM प्रमुख ओवैसी का तीखा बयान

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और चुनावी तंत्र पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ओवैसी ने आरोप लगाया कि SIR का इस्तेमाल ऐसे भारतीय नागरिकों का एक “स्थायी बहिष्कृत वर्ग” बनाने के लिए किया जा सकता है, जिन्हें बार-बार अपनी नागरिकता और पहचान साबित करने के लिए मजबूर किया जाएगा।

ओवैसी का कहना है कि यदि मतदाता सूची के पुनरीक्षण या पहचान सत्यापन की प्रक्रिया अत्यधिक कठोर बनाई जाती है, तो समाज के गरीब, प्रवासी, अल्पसंख्यक, ग्रामीण और दस्तावेज़ों की कमी से जूझ रहे लोगों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ सकता है। उनके अनुसार, ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे उनके लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।


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