पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता सुजीत बोस को आज कलकत्ता उच्च न्यायालय से बहुत बड़ा झटका लगा है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई (urgent hearing) करने से साफ मना कर दिया है। अदालत के इस कड़े रुख के बाद पूर्व मंत्री को फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।

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पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता सुजीत बोस को आज कलकत्ता उच्च न्यायालय से बहुत बड़ा झटका लगा है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई (urgent hearing) करने से साफ मना कर दिया है। अदालत के इस कड़े रुख के बाद पूर्व मंत्री को फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।

क्या है पूरा मामला? 

केंद्रीय जांच एजेंसी (ED) पश्चिम बंगाल की 17 नगरपालिकाओं में हुए करोड़ों रुपये के कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच कर रही है। सुजीत बोस पर आरोप है कि वर्ष 2014 से 2016 के बीच उन्होंने साउथ दमदम नगरपालिका में वित्तीय लाभ (रिश्वत) के बदले लगभग 150 उम्मीदवारों को अवैध रूप से नौकरियां दिलवाई थीं। इसी सिलसिले में लंबी पूछताछ के बाद ED ने उन्हें 11 मई, 2026 को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे न्यायिक हिरासत में हैं।


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