तृणमूल कांग्रेस (TMC) में सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एक बहुत बड़ी बगावत हो गई है, जहां पार्टी के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर भाजपा नीत एनडीए (NDA) गठबंधन को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। सांसदों की यह संख्या दो-तिहाई से अधिक होने के कारण इन पर दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं होगा, जिससे पार्टी में विभाजन तय माना जा रहा है।

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तृणमूल कांग्रेस (TMC) में सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एक बहुत बड़ी बगावत हो गई है, जहां पार्टी के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर भाजपा नीत एनडीए (NDA) गठबंधन को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। सांसदों की यह संख्या दो-तिहाई से अधिक होने के कारण इन पर दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं होगा, जिससे पार्टी में विभाजन तय माना जा रहा है।

इस ऐतिहासिक फूट की मुख्य वजह हालिया पश्चिम बंगाल चुनावों में पार्टी की करारी हार, चुनावी प्रबंधन एजेंसी I-PAC की कार्यशैली से गहरा असंतोष और शीर्ष नेतृत्व द्वारा किए गए मनमाने फैसले हैं। दिल्ली में भाजपा नेताओं के साथ हुई गुप्त बैठकों और राज्य विधानसभा में भी 58 विधायकों के पहले ही अलग गुट बना लेने के कारण ममता बनर्जी का राष्ट्रीय और प्रांतीय नेतृत्व इस समय अपने सबसे बड़े राजनीतिक और अस्तित्व के संकट से गुजर रहा है।


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