महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ने सीबीएसई के तीन भाषा नियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

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शिक्षाविद और महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री डॉ. फौजिया खान ने सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर कर CBSE की उस नीति को चुनौती दी है, जिसके तहत 1 जुलाई से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया गया है। याचिका में CBSE के इस कदम को मनमाना और अनुचित बताया गया है। खान ने दक्षिण भारतीय राज्यों में हिंदी और उत्तर भारत में संस्कृत को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने के औचित्य पर भी सवाल उठाया है। NCP-SCP पार्टी से ताल्लुक रखने वाली खान ने कहा कि गैर-हिंदी भाषी राज्यों को हिंदी या संस्कृत को अनिवार्य बनाना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लंघन है।


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