अमेरिका-ईरान शांति समझौते का मसौदा तैयार; इन 5 मुख्य शर्तों पर दोनों देशों के हस्ताक्षर होने की संभावना

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अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक ऐतिहासिक शांति समझौते (Draft Peace Deal) का मसौदा तैयार हो चुका है, जिस पर दोनों पक्ष जल्द ही हस्ताक्षर कर सकते हैं। पाकिस्तान और ओमान की मध्यस्थता से तैयार हुए इस समझौते के तहत वाशिंगटन (अमेरिका) द्वारा ईरान के सामने रखी गई 5 सबसे प्रमुख शर्तें -

1. यूरेनियम भंडार का ट्रांसफर (Transfer of Uranium) 

अमेरिका की सबसे बड़ी और सख्त शर्त यह है कि ईरान को अपने 400 किलोग्राम अत्यधिक संवर्धित (Highly Enriched) यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपना होगा। यह शर्त इसलिए रखी गई है ताकि ईरान भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार विकसित न कर सके। 

2. केवल एक परमाणु साइट चालू रखना (Single Nuclear Facility)

समझौते के मसौदे के अनुसार, ईरान अपने पूरे देश में केवल एक ही परमाणु सुविधा (Nuclear Facility) को चालू रख सकता है। बाकी के अन्य सभी परमाणु इंफ्रास्ट्रक्चर और साइट्स को बंद या सीमित करना होगा।

3. युद्ध के नुकसान का कोई मुआवजा नहीं (No Compensation for War Damages

)ईरान ने शुरुआत में अमेरिकी और इजरायली हमलों से हुए बुनियादी ढांचे के नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, अमेरिकी शर्तों के मुताबिक वाशिंगटन युद्ध के कारण हुए किसी भी नुकसान या क्षति के लिए ईरान को कोई मुआवजा नहीं देगा।

4. फ्रीज होल्डिंग पर पाबंदी (विदहोल्डिंग फ्रोजन एसेट्स)

अमेरिका ने साफ किया है कि वह समझौते की शुरुआत में ही ईरान के विदेश में फ्रीज (फ्रोजन) फंड का 25% हिस्सा भी तुरंत जारी नहीं होगा। यह पैसा केवल तभी चरणबद्ध (फेज़्ड) तरीके से जारी किया जाएगा जब ईरान समझौते के सभी नियमों का पूरी तरह पालन करेगा।

5. क्षेत्रीय मोर्चों पर युद्धविराम को स्थायी बनाना (Linkage of Regional Cesation)

समझौते के तहत लेबनान (हिजबुल्लाह) सहित मध्य पूर्व के सभी क्षेत्रीय मोर्चों पर जारी संघर्ष को पूरी तरह समाप्त करना होगा। अमेरिका ने शर्त रखी है कि इन मोर्चों पर स्थायी शांति और युद्धविराम पूरी तरह से आगे की वार्ताओं और ईरान के व्यवहार पर निर्भर करेगा।

 

 


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