20 बागी सांसदों का दलबदल विरोधी कानून से बचने का दांव फंसा, NCPI में नेतृत्व विवाद शुरू

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तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों के एक छोटे और गुमनाम राजनीतिक दल 'राष्ट्रवादी सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में विलय को लेकर गहरा असमंजस पैदा हो गया है। लोकसभा के 20 बागी सांसदों द्वारा इस विलय की घोषणा के बाद, अब एनसीपीआई (NCPI) के भीतर ही आंतरिक नेतृत्व विवाद और विरोधाभासी दावे सामने आने लगे हैं।

एनसीपीआई के महासचिव दिलीप रॉय और संगठनात्मक महासचिव शांतनु देऊ सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि वे इस पूरे घटनाक्रम और विलय की बातचीत से पूरी तरह अनजान हैं। वही, एनसीपीआई की संस्थापक अध्यक्ष शेउली कुंडू ने मीडिया के सामने दावा किया कि वह लगभग एक महीने पहले ही पद से इस्तीफा दे चुकी हैं।

जबकी बागी खेमे की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने ज्योतिप्रकाश चटर्जी को नया अध्यक्ष बताया। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस विलय को आसान बनाने के लिए 30 मई को ही दस्तीदार को पार्टी की कमान सौंप दी गई थी, जिसकी जानकारी एनसीपीआई के जमीनी नेताओं को नहीं है।


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